Thu. May 30th, 2024

मोदी है तो मुमकिन है ‘ का नारा जदयू सांसद ने आखिर क्यों दिया।

मोदी है तो मुमकिन है ‘ का नारा जदयू सांसद ने आखिर क्यों दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा लगाया और उनकी इस नारा से जदयू नाराज हो गया और उनके इस्तीफे की मांग की लेकिन वही भाजपा ने पिंटू का समर्थन किया।
वही जनता दल (यूनाइटेड) बिहार के एक लोकसभा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और भाजपा का चुनावी नारा ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा दिया तब बिहार में भी विवाद खड़ा हो गया।
सुनील कुमार पिंटू सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व है ,जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की विजय हुई तब उसने यह टिप्पणी की।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को भगवा पार्टी ने सत्ता से बेदखल कर दिया. बीजेपी को इन राज्यो में भारी मतों से जीत दर्ज की है।
सुनिल कुमार पिंटू का कहना है, बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में मोदी है तो मुमकिन का नारा दिया था । वही चुनाव नतीजों को देखने से पता चलता है कि ‘मोदी है तो मुमकिन है।
जेडीयू के पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने पिंटू से कहा अगर वह पीएम मोदी से प्रभावित हैं तो उन्हें लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.जदयू ने उनकी इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की ।
कुमार ने कहा, “अगर वह मोदी से इतने ही प्रभावित हैं तो उन्हें लोकसभा चुनाव होने से पहले संसद से इस्तीफा दे देना चाहिए और जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए।”
वही बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने पिंटू की टिप्पणी का समर्थन किया.
उन्होंने कहा, “जदयू सांसद द्वारा दिया गया बयान कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ कनारा दिखाता है कि हर व्यक्ति समझता है कि अभी (लोकसभा चुनाव से पहले) स्थिति क्या है।”
पिछले साल, जदयू ने भाजपा से नाता तोड़ लिया और एनडीए से बाहर हो गई। नीतीश कुमार,की पार्टी जहा अगले साल भाजपा की समर्थक थी, तब नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में उन्होंने राजद और कांग्रेस से हाथ मिलाया – जो ‘महागठबंधन’ के बनाई और फिर से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *