Thu. May 30th, 2024

विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ || Important Branches of Science

  विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ || Important Branches of Science

 

1.  जाइमोलॉजी (Zymology) – इसके अंतर्गत किण्वनों (Fermentations) का अध्ययन किया जाता हैं |

2.  वर्गिकी (Taxonomy) – जंतुओं और पौधों की उनकी संरचना एवं गुणों की समानता के आधार पर वर्गीकरण का विज्ञान |

3. रेशम कीटपालन विज्ञान (Sericulture) – रेशम के कीटों के पलने संबंधी अध्ययन |

4. चंद्र विज्ञान (Selinology) – इसके अंतर्गत चन्द्रमा की उत्पत्ति , उसकी सतह की बनावट एवं उसकी गति के अध्ययन का विज्ञान |

5. भूकंप विज्ञान (Seismology) – भूकंपों के कारण , विस्तार , पूर्वानुमान आदि के अध्ययन संबंधी विज्ञान |

6. विकृति विज्ञान (Rheology) – द्रव के विरूपण (Deformation) तथा उसके प्रवाह (Flow) के अध्ययन का विज्ञान |

7. आर्कियोलॉजी (Archaeology) – इसे हिंदी में पुरातत्व विज्ञान कहा जाता हैं | इसके अंतर्गत प्राचीन स्मारकों , अभिलेखों , खुदाई से प्राप्त वस्तुओं , इत्यादि का अध्ययन किया जाता हैं |

8. आर्बोरीकल्चर  ( Arboriculture) – वृक्षों के उगाने से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का अध्ययन |

9. एंथ्रोपोलॉजी (Anthropology) – मानव की उत्पत्ति एवं विकास का वैज्ञानिक अध्ययन |

10. एनाटॉमी (Anatomy) – जीवधारियों के शरीर की आतंरिक संरचना के अध्ययन का विज्ञान |

11. प्रकाश जैविकी (Photobiology) – जीवों पर प्रकाश के विज्ञान का अध्ययन |

12. पैलियोबॉटनी (Palaeobotany) – पौधों के जीवाश्मों (Fossils)  के अध्ययन का विज्ञान |

13.  ऑलफैक्टोलॉजी (Olfactology) – इसके अंतर्गत गंध की संवेदनाओं का अध्ययन किया जाता हैं |

14. ऑर्थोपेडिक्स (Orhopaedics) – इसके अंतर्गत पेशीय कंकाल तंत्र की रचना , विकास एवं उनके रोगों का अध्ययन कियाजाता हैं 

15. ओरोलॉजी (Orology) – पर्वतों के अध्ययन का विज्ञान |

16. पक्षी विज्ञान (Ornithology) – इसके अंतर्गत पक्षियों के स्वभाव , व्यवहार एवं उन पर पर्यावरण के प्रभाव का अध्ययन किया जाता हैं |

17. ऑप्थैल्मोलॉजी (Opthalmology) – आँख व् उसके रोग से संबंधी अध्ययन का विज्ञान |

18. प्रकाशिकी (Optics) – प्रकाश की प्रकृति , गुण , आदि के अध्ययन से संबंधित भौतिक शास्त्र की एक शाखा |

19. ऑन्कोलॉजी (Oncology) – इसमें कैंसर रोग का अध्ययन किया जाता हैं |

20. दन्त विज्ञान (Odonotology) – दन्त की उत्पत्ति , संरचना , विन्यास एवं उसके रोगों के अध्ययन संबंधी विज्ञान |  

21. ऑब्सटेट्रिक्स (Obstetrics) – गर्भधारण , प्रसव एवं बच्चे के जन्म से संबंधित विज्ञान का अध्ययन |

22. सुजननिकी (Eugenics) – मनुष्य की संतति के विकास व् नस्ल सुधार से संबंधित विधियों का अध्ययन |

23. फल – कृषि विज्ञान (Pomology) – इनके अंतर्गत फलों के उत्पादन , वृद्धि , सुरक्षा एवं उनकी नस्ल सुधार का अध्ययन किया जाता हैं |

24. पादप विकास विज्ञान (Phytogeny) – पौधों की उत्पत्ति एवं उनके विकास के अध्ययन का विज्ञान |

25. व्यवहार विज्ञान (Ethology) – मानव सहित सभी जंतुओं के व्यवहार का अध्ययन |

26. एपीग्राफी (Epigraphy) –  इसमें शिलालेख संबंधी विषयों का अध्ययन किया जाता हैं |

27. एपिडेमिलॉजी (Epidemilogy) – इसके अंतर्गत फैलने वाली महामारियों (Epidermics) जैसे – प्लेग , हैजा , चेचक , आदि का अध्ययन किया जाता हैं |

28. कीट- विज्ञान (Entomology) – कीटों (Insects) के सम्पूर्ण अध्ययन का विज्ञान |

29. पारिस्थितिकी (Ecology) – इसके अंतर्गत जीवधारियों पर उनके चारों ओर के पर्यावरण के प्रभावों का अध्ययन किया जाता हैं |

30. डेंड्रोक्रोनोलॉजी (Dendrochronology) – इसके अंतर्गत पेड़ों की वृद्धि वलयों (Growth rings) का अध्ययन कर उनकी आयु की गणना करने की विधियों का अध्ययन किया जाता हैं |

31. अंगुलिछाप विज्ञान (Dactylography) – इसमें व्यक्तियों के अंगुलिछाप (Finger Print) जो प्रत्येक व्यक्तियों का अलग – अलग होता हैं , का अध्ययन किया जाता हैं |

32. कोशिका विज्ञान ( Cytology) – कोशिकाओं (Cells) के अध्ययन का विज्ञान |

33. क्रायोजेनिक्स (Cryogenics) – इसे हिंदी में निम्नतापिकी कहते हैं | इसके अंतर्गत अतिनिम्न ताप की उत्पत्ति , नियंत्रण एवं उसके अनुप्रयोगों का अध्ययन किया जाता हैं |

34. सृष्टि विज्ञान (Cosmogony) – विश्व की उत्पत्ति एवं विकास के अध्ययन का विज्ञान |

35. कॉसमोलॉजी (Cosmology) – ब्रह्माण्ड की संरचना , उत्पत्ति , विकास आदि का अध्ययन |

36. कॉन्कोलॉजी (Conchology) – मोलस्का वर्ग ( शंख , सीपी , कौड़ियों आदि ) के जंतुओं के बाह्म आवरण (Shell) के अध्ययन का विज्ञान |

37. कवक विज्ञान ( Mycology) – कवकों (Fungi) का अध्ययन किया जाता हैं |

38. आकारिकी (Morphology) – इसके अंतर्गत जीवों की आकृति तथा उनकी बाह्म रचनाओं का अध्ययन किया जाता हैं |

39. सूक्ष्म – जैविकी (Microbiology) – जीवाणु , विषाणु , इत्यादि सूक्ष्म जीवों के अध्ययन संबंधी विज्ञान |

40. माप विज्ञान (Metrology) – माप एवं तौल (Weights and Measures) की विधियों के अध्ययन संबंधी विज्ञान |

41. मौसम विज्ञान (Meterology) – वायुमंडल में मौसम संबंधी होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन | 

42. कीमोमेट्रिक्स (Chemometrics) – गणितीय तथा सांख्यिकीय विधियों द्वारा रसायन विज्ञान की समस्याओं का अध्ययन |

43. कीमोथेरेपी (Chemotherapy) – रासायनिक यौगिकों के प्रयोग द्वारा रोगों का निरोध एवं उनके उपचार करने की विधियों का अध्ययन |

44. रसायन विज्ञान (Chemistry) – पदार्थों के संरचना तथा उनकी पारस्परिक क्रियाओं का सम्पूर्ण अध्ययन |

45. मृतिका शिल्प (Ceramics) – इसमें कांच व् चीनी मिट्टी के बर्तन आदि बनाने की विधियों का अध्ययन किया जाता हैं |

46. वनस्पति विज्ञान (Botany) – पौधों के जीवन से संबंधित प्रत्येक विषय का अध्ययन |

47. बायोनॉमिक्स (Bionomics) – जीवधारियों का उनके वातावरण के साथ सम्बन्ध का अध्ययन |

48. बायोनिक्स (Bionics) – जंतुओं के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के अध्ययन का विज्ञान |

49. जैवमिति (Biometry) – वह विज्ञान जिसमें जीवविज्ञान का अध्ययन गणित व् सांख्यिकी की तकनीकों द्वारा किया जाता हैं |

50. जैव – रासायनिकी (Bio-chemistry) – जीवों के शरीर में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं का अध्ययन |

51. बैक्टीरियोलॉजी (Bactereology) – जीवाणुओं की संरचना तथा उनके द्वारा उत्पन्न रोगों का अध्ययन |

52. एस्ट्रोनोमी (Astronomy) – इसे खगोल विज्ञान भी कहा जाता हैं | इसके अंतर्गत विभिन्न खगोलीय पिंडों की रचना एवं गति का अध्ययन किया जाता हैं |

53. जेनेसियोलॉजी (Genesiology) – पीढ़ियों के अध्ययन संबंधित विज्ञान |

54. गायनोकोलॉजी (Gynaecology) – स्त्री के प्रजनन अंग (Reproduction organ) के अध्ययन का विज्ञान |

55. ग्लॉसोलॉजी (Glossology) – जीभ (Tongue) – का अध्ययन |

56. जेरेन्टोलॉजी (Gerontology) – वृद्धावस्था से संबंधित अध्ययन का विज्ञान |

57. आनुवांशिकी (Genetics) – जीन के सभी क्रिया कलापों के अध्ययन का विज्ञान 

58. यूथेनिक्स (Eumenics) – अच्छे पोषण द्वारा मानव जाती में सुधार का अध्ययन |

59. क्रोनोबायोलॉजी (Chronobiology) – जीवन की अवधि (Duration of  life) से संबंधित विज्ञान |

60. यूफेनिक्स (Euphenics) – प्रोटीन – संश्लेषण प्रक्रिया में सुधार से मानवजाति में सुधार का अध्ययन |

61. क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) – यौगिकों के शोधन , किसी मिश्रण के अवयवों का पृथक्करण , उससे रंगों को अलग करने संबंधित विज्ञान |

62. आनुवांशिक अभियांत्रिकी (Genetic Engineering) – जीन में यांत्रिक विधि से जीव के नस्ल सुधार में परिवर्तन के अध्ययन का विज्ञान |

63. हैमेटोलॉजी (Haematology) – रक्त के अध्ययन संबंधी विज्ञान |

64. हिपेटोलॉजी  (Hepatology) – रेंगने वाले जंतुओं से संबंधी विज्ञान |

65. उद्यान विज्ञान (Horticulture) – फूल – फल , सब्जियों , सजावट के पौधों (Ornamental plants) – आदि को उगाने एवं प्रबंधन का विज्ञान |

66. द्रवगतिकी (Hydrostatics) – स्थिर द्रव के अध्ययन से संबंधित विज्ञान |

67. जल कृषि (Hydroponics) – यह मृदा – रहित कृषि के अध्ययन का विज्ञान |

68. काइनेस्थेटिक (Kinesthetics) – शरीर के भाव – भंगिमाओं को देखकर मन की भाषा जानने संबंधी अध्ययन का विज्ञान |

69. धातुकर्म विज्ञान (Metallurgy) – धातु के अयस्क (Ore) के निष्कर्ष तथा उनके गुणों का अध्ययन |

70. एकास्टिक्स (Acoustics) – इसके अंतर्गत ध्वनि एवं उसके प्रभावों का अध्ययन किया जाता हैं 

71. एग्रोनॉमिक्स (Agronomics) – भूमि व् फसलों के प्रबंधन (Management) का अध्ययन |

72. एग्रोस्टोलॉजी (Agrostology) – घासों के अध्ययन का विज्ञान |

73. ऐल्केमी (Alchemy) – मानव को अमर बनाने के लिए अमृत की खोज का विज्ञान |

74. फ़्रेनोलॉजी (Phrenology) – मानव के कपाल या खोपड़ी (Skull) एवं मस्तिष्क (Brain) के अध्ययन का विज्ञान |

75. थिसियोलॉजी (Pthisiology) – इसके अंतर्गत क्षय रोग (Tuberculosis-T.B.) का अध्ययन किया जाता हैं |

76. शैवाल विज्ञान (Phycology)- इसके अंतर्गत शैवालों का अध्ययन किया जाता हैं |

77. शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology) – इसके अंतर्गत सजीवों की विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं जैसे – श्वसन , वृद्धि , पोषण आदि का अध्ययन किया जाता हैं |                           

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *